पिंकी बहुत प्यारी लड़की है।
पिंकी कक्षा दूसरी में पढ़ती है।
एक दिन उसने अपनी किताब में रेलगाड़ी देखी।
उसे अपनी रेल – यात्रा याद आ गई, जो कुछ दिन पहले पापा-मम्मी के साथ की थी।
पिंकी ने चौक उठाई और फिर क्या था, दीवार पर रेलगाड़ी का इंजन बना दिया।
उसमें पहला डब्बा जुड़ गया, दूसरा डब्बा जुड़ गया, जुड़ते – जुड़ते कई सारे डिब्बे जुड़ गए।
जब चौक खत्म हो गया पिंकी उठी उसने देखा कक्षा के आधी दीवार पर रेलगाड़ी बन चुकी थी।
फिर क्या हुआ – रेलगाड़ी दिल्ली गई , मुंबई गई, अमेरिका गई, नानी के घर गई, और दादाजी के घर भी गई।
नैतिक शिक्षा
बच्चों के मनोबल को बढ़ाइए कल के भविष्य का निर्माण आज से होने दे।
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